शहर की नामी डायग्नोस्टिक लैब के नाम से कोरोना रिपोर्ट बनाकर देने वाले दो बदमाशों को मंगलवार को शिप्रापथ थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी अभिषेक शर्मा दौसा के सिकराय व निखिल आकड़ दौसा की व्यास कॉलोनी के रहने वाले हैं। शिप्रापथ थाने के अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में एक लैब संचालक सीताबाड़ी निवासी दिशेभ गुप्ता ने सोमवार को शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके लैब के लेटर हेड पर किसी ने फर्जी कोरोना रिपोर्ट तैयार करके एक व्यक्ति को दी है।
जब उस व्यक्ति ने लैब संचालक से इसकी शिकायत की, उसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच की तो सामने आया कि यह रिपोर्ट वास्तव में फर्जी है। उसके बाद पुलिस टीम ने सैंपल लेने गए व्यक्ति के संबंध में पूछताछ करके जांच की तो सामने आया कि अभिषेक शहर के अलग-अलग इलाकों से लोगों से कोरोना सैंपल लेता है। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक और साथी निखिल को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि अभिषेक शहर की दो नामी लैब के नाम से सैंपल कलेक्ट करता है। घर से सैंपल कलेक्ट करने की एवज में वह 800 से 1000 रुपए लेता है। अभिषेक सैंपल लेने के बाद उसे किसी सुनसान जगह पर कचरे में फेंक देता है। और पीड़ित व्यक्ति का नाम व अन्य डिटेल व्हाट्सएप के जरिए अपने साथी मानसरोवर स्थित दूसरी लैब में काम करने वाले निखिल के पास भेज देता है। जहां पर निखिल पहले आई हुई किसी रिपोर्ट की पीडीएफ फाइल को ऑनलाइन पीडीएफ एडिटर के जरिए नाम व अन्य डिटेल बदल कर फर्जी रिपोर्ट तैयार करता था।
उसके बाद अभिषेक उस रिपोर्ट को सैंपल देने वाले व्यक्ति को भिजवा देता था। अब पुलिस टीम आरोपियों से अन्य साथियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि किसी व्यक्ति से ज्यादा पैसे लेकर जानबूझकर गलत रिपोर्ट तो नहीं बनाई गई है। पकड़ा गया आरोपी अभिषेक लैब टेक्नीशियन का डिप्लोमा किया हुआ है। इसलिए वह मार्केट से सैंपल कलेक्ट करने का काम देखता है। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी अब तक कौन-कौन सी लैब के नाम से कितनी रिपोर्ट बना चुके हैं। गिरफ्तार आरोपी अभिषेक पहले शहर की नामी लैब पर काम करता था। जहां से कुछ माह पहले ही हटा दिया गया।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)