महामारी के इस दौर में दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच हिसार के एक निजी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी की वजह से 5 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। इसके बाद मृतकों के परिजन अस्पताल और अस्पताल प्रबंधन के साथ सरकार को कोसते नजर आ रहे हैं। सुबह अस्पताल में हंगामा भी हुआ।
मामला हिसार के सोनी बर्न अस्पताल का है। बीते दिन यहां पंजाब के मानसा जिले के गांव हाजीवाला निवासी अरविंद, हिसार जिले के गांव ढाणी खान बहादुर के राजेश्वर, गांव भाना के सितेद्रं, उकलाना के राजे राम और दिल्ली के धर्म कॉलोनी निवासी अनिल कुमार को कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था। यह सभी वेंटिलेटर पर थे। रविवार रात अचानक अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई। 4 घंटे की जद्दोजहद के बाद बड़ी मुश्किल से 2 सिलेंडर मिल पाए और उन्हें लगाया गया। लेकिन देर हो गई एक-एक करके सभी पांचों मरीजों ने ऑक्सीजन की कमी के चलते दम तोड़ दिया।
इसके बाद सोमवार सुबह मृतकों के परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने इलाज में कोताही बरतने का आरोप भी लगाया। वही इस बारे में अस्पताल के मालिक डॉक्टर रजत सोनी का कहना है कि उनकी तरफ से किसी भी तरह की कोई ढील नहीं बरती गई। डॉक्टर सोनी के मुताबिक अस्पताल में 22 में से 15 बेड को कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किए गए हैं। सात ऑक्सीजन सिलेंडर भी है। लेकिन वक्त पर प्लांट से सप्लाई नहीं मिल पाई तो हम क्या कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जब ऑक्सीजन लेने के लिए टीम को प्लांट भी भेजा गया, तो वहां पहले से ही लंबी लाइन लगी हुई थी। सुबह 4 बजे तक उनकी टीम को ऑक्सीजन नहीं मिली और प्लांट को शट डाउन कर दिया गया। बड़ी मुश्किल से इधर उधर से 2 सिलेंडर का जुगाड़ हो पाया। लेकिन तब तक यहां 5 मरीजों की सांसे थम चुकी थी।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)