उपचुनाव वाले दमोह में मंगलवार रात सरकार ने जिला अस्पताल में ऑक्सीजन पहुंचाई। ऑक्सीजन पहुंचते ही मरीजों के परिजनों ने सिलेंडर की लूटमार शुरू कर दी। मरीजों के परिजन एक – एक सिलेंडर की जगह दो -दो सिलेंडर उठाकर भागने लगे। अस्पताल स्टाफ ने जब सिलेंडर वापस मांगे तो परिजनों ने लड़ाई झगड़ा शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए की पुलिस बुलानी पड़ी।
मौके पर पहुंची पुलिस को भी परिजनों ने सिलेंडर वापस नहीं दिए। बुधवार सुबह सिलेंडरों की जरूरत पड़ी तो हंगामा मचा और फिर पुलिस आई और लोगों से बातचीत की। लोग सिलेंडर देने को तैयार ही नहीं है उन्होंने कहा कि अस्पताल पर भरोसा नहीं है। किसी तरह पुलिस ने कुछ सिलेंडर वापस ला पाई। लेकिन कई लोगों ने अभी भी सिलेंडर वापस नहीं किए हैं।
एसीपी शिवकुमार सिंह ने बताया कि सिलेंडर अस्पताल के अंदर ही है और मरीजों को लग रहे हैं। छीन कर ले जाने वाली बात नहीं है। सभी मरीजों को सिलेंडर की जरूरत है। इसलिए अस्पताल की ओर से ही सप्लाई की जानी चाहिए।
दमोह के जिला अस्पताल में यह घटना मंगलवार रात 11:30 बजे हुई। सिलेंडरों को लेकर हुए विवाद के बाद अस्पताल के डॉक्टर, सिविल सर्जन, सीएमएचओ सहित सभी कर्मचारी इकट्ठा हो गए थे। अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर ममता तिमोरी ने बताया कि मरीजों ने जबरन सिलेंडर छीन कर अपने पास रख लिए थे। उन्होंने बताया कि 4 दिन से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की जा रही है। एसपी को भी चिट्ठी लिखी गई पर कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऑक्सीजन सिलेंडर का ट्रक आने पर मरीज के परिजन सिलेंडर उठाकर ले जाते हैं।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)