मुंबई के वसई इलाके में रहने वाले 80 साल के बुजुर्ग को बिजली विभाग ने 80 करोड़ का बिल भेज दिया। खास बात यह है कि यह बिल सिर्फ 2 महीने का है। इस बिल को देखते ही बुजुर्ग का ब्लड प्रेशर इतना बढ़ गया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वसई के रहने वाले गणपत नाइक की तबीयत बिगड़ने के बाद अब उनका परिवार सदमे में है। मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी MSEDCL की ओर से 80 करोड़ 13 लाख 89 हजार 6 रुपए का बिल नायक परिवार को भेजा गया है। परिवार वसई में 20 साल से एक चावल मिल चलाता है। कोरोना की वजह से उनका धंधा पहले ही खत्म हो गया है। अब इतने भारी बिल के बाद परिवार को अब सूझ नहीं रहा कि आगे क्या करें। नाइक के परिवार का कहना है कि बिजली विभाग ऐसा कैसे कर सकता है, भेजने से पहले मीटर चेक नहीं करते, ऐसे कैसे इतना बिल भेज सकते हैं। हर महीने के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा 54 हजार बिजली का बिल आता है। कोरोना के दौरान चावल मिल कई महीनों से बंद है। इसके बावजूद 2 महीने का बिल इतना कैसे आ सकता है। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि जल्द ही बिल सही कर दिया जाएगा। एमएसपीडीसीएल के एडिशनल एजुकेटिव सुरेंद्र मुगांरे ने कहा कि यह गड़बड़ी बिजली मीटर की तरफ से हुई है। जांच की जा रही है। एजेंसी ने 6 अंकों की जगह 9 अंकों का बिल बना दिया था।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)