चीन में एक बार फिर कोरोना का कहर शुरू हो गया है। 8 महीने के बाद चीन में वायरस की चपेट में आकर एक शख्स की मौत हो गई।इससे पहले मई में वायरस के कारण आखिरी मौत हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम आज गुरुवार को चीन के वुहान पहुंचेगी। यह टीम पता लगाएगी कि कोरोनावायरस की उत्पत्ति बुहान से हुई या नहीं।
शुरुआत में आनाकानी और अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकते हुए चीन ने डब्ल्यूएचओ (WHO) की टीम को अपने यहां आने की अनुमति दी है। चीन की राजधानी बीजिंग पर यह आरोप है कि उसकी बुहान शहर स्थित लेबोरेटरी से ही वैश्विक महामारी का कारण बनने वाला कोविड-19 वायरस पैदा हुआ और यहीं से पूरी दुनिया में फैल गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले यह आरोप लगाया था और इससे चीनी वायरस करार दिया था।
डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों की टीम खास तौर पर वायरस का केंद्र रहे बुहान भी जाएगी। दिसंबर 2019 में इसी शहर में कोरोना का पहला मामला मिला था। डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया के कई नेताओं के आरोपों के बाद डब्ल्यूएचओ ने वायरस का स्रोत जांचने के लिए चीन जाने की बात कही थी। लेकिन शुरुआत में बीजिंग इसके लिए तैयार नहीं था। वह डब्ल्यूएचओ की 10 सदस्यीय टीम को अनुमति देने में आनाकानी कर रहा था।
चीन के इस रवैया की पूरी दुनिया में आलोचना हुई और बीजिंग समर्थक माने जाने वाले डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेबरेसस ने भी इस कम्युनिस्ट देश की कठोर शब्दों में निंदा की थी। डब्ल्यूएचओ प्रमुख की फटकार के बाद चीन सक्रिय हुआ। गत 9 जनवरी को चीन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उपप्रमुख जेंग ईझिन ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की टीम चीन आएगी और उसके दौरे की तारीख को लेकर बातचीत चल रही है।
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)