जयपुर, फीस भुगतान मांगो पिछले 10 दिन से चल रहा है निजी स्कूल संचालकों का आमरण अनशन व धरना प्रदर्शन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से वार्ता के बाद गुरुवार रात समाप्त हो गया। निजी स्कूलों के संगठन “फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ राजस्थान”के बैनर तले चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच अभिभावकों से 70 फ़ीसदी फीस लेने पर सहमति बनी है।
आमरण अनशन पर बैठी दो महिला स्कूल संचालकों को रतन सिंह पिलानिया ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। फोरम की प्रवक्ता हेमलता शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही और हमारी अधिकतर मांगें मान ली गई है। इसके बाद आमरण अनशन समाप्त किया जा रहा है। फीस भुगतान की मांग को लेकर “फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ राजस्थान” के बैनर तले चल रहे आमरण अनशन में दो महिला स्कूल संचालक हेमलता शर्मा और सीमा शर्मा पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठी हुए हैं।
वार्ता में तय हुआ है कि सीबीएसई स्कूल 70% और राजस्थान बोर्ड पढ़ाने वाले स्कूल में 60% तक फीस ले सकते हैं। यह अंतरिम राहत है। फीस को अंतिम फैसला कोर्ट करेगा। स्कूल को आर्थिक पैकेज के रूप में सहायता देने के लिए शिक्षा मंत्री की ओर से मना कर दिया गया।
हेमलता शर्मा ने कहा कि यह सहमति बनी है कि आईटीई के तहत पिछले 3 वर्षों से बकाया भुगतान ब्याज के साथ 15 दिन में स्कूलों को दे दिया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए अगले सप्ताह एक मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 5 प्राइवेट स्कूलों के पदाधिकारी और 5 सरकारी स्कूल के पदाधिकारी शामिल होंगे। मान्यता के लिए भू रूपांतरण की बाध्यता से 2 वर्षों के लिए राहत प्रदान की गई है।
शर्मा ने कहा” हमारी 15 सूत्रीय मांगे थे जिनमें से अधिकतर मांगें मान ली गई है।
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)