भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आखिर 41 साल बाद भारत को ब्रांच मेडल दिला कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। भारत में ब्रोंज मेडल मैच में जर्मनी को 5-4 से पटखनी दी।मैच के दूसरे क्वार्टर में 3-1 से पिछड़ने के बाद भारत ने जबर्दस्त वापसी की और चार गोल लगातार आगे भारत की जीत के मुख्य हीरो रहे सिमरन। सिमरन ने 17 में और 34 में हार्दिक सिंह ने 27 में हरमनप्रीत सिंह ने 29 में और रुपिंदर पवन 138 में मिनट में गोल किया बाद में चौथे क्वार्टर में जर्मनी ने एक गोल किया और उसको 5-4 कर दिया था। इसके बाद भारतीय डिफेंस में जर्मनी को कोई मौका नहीं दिया था।
भारतीयटीम की प्रेशर को एंजॉय करने की नीति
जीत के हीरो रहे कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा हमें लगता है कि इस ओलंपिक में खिलाड़ियों ने काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा जीत की खुशी जाहिर करने के लिए शब्द नहीं है। मेरे पास गोलकीपर श्रीजेश ने कहा था कि जर्मनी का मैच प्रेशर वाला मैच है। लेकिन श्रीजेश ने हमें नेचुरल गेम खेलने और एंजॉय करने को कहा अगर मेडल ऑफ प्रेशर के बारे में ज्यादा सोचेंगे तो पर फोन नहीं कर पाएंगे। हमने अपना 100% दिया। प्रेशर को एंजॉय किया।
जीत का कारण डेढ़ साल की मेहनत ।
भारतीय कोच ग्राहम रीड ने कहा अंतिम मैच में दबाव और तनाव था लेकिन टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया गोलकीपर श्रीजेश ने कहा कि है हमारे डेढ़ साल की कठोर मेहनत का फल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई ।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई देते हुए कहा। कि यह हर भारतीय के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। टीम इंडिया को ब्रांच घर पर लाने के लिए बधाई हमें भारतीय टीम पर गर्व है।
विकास शर्मा (मार्मिक धारा)