राजस्थान में राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने आज जयपुर में नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय के बाहर टोंक रोड पर धरना दिया। करीब 1 घंटे जयपुर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली टोंक रोड पर किरोड़ी लाल मीणा और उनके समर्थकों का कब्जा रहा। इस दौरान टोंक फाटक से रामबाग चौराहे पर जाने वाले ट्रैफिक को गांधीनगर मोड और यूनिवर्सिटी रोड से डायवर्ट करना पड़ा। जन्म, मृत्यू, विवाह प्रमाण पत्र सहित अन्य कामों के लिए निगम मुख्यालय आए लोगों को लौटा दिया गया।
इस प्रदर्शन के पीछे मुख्य कारण सफाई कर्मचारियों की यूनियन के उपचुनाव करवाना था। इसके अलावा साल 2018 में भर्ती हुए कर्मचारियों में से शेष रहे करीब 300 कर्मचारियों का फिक्सेशन करना और कर्मचारियों का बकाया एरियर का भुगतान की भी मांग की गई है। करीब 1 घंटे तक चले पूरे घटनाक्रम के बाद सांसद और उनकी 11 जनों के प्रतिनिधिमंडल डीएलबी निदेशक दीपक नंदी से मिले। निदेशक ने एक माह में फिक्सेशन करने बकाया एरियर देने और चुनाव करवाने के मामले में कोई ना कोई समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
छावनी में तब्दील हुआ निगम मुख्यालय-
प्रदर्शन की सूचना मिलने से पहले ही नगर निगम मुख्यालय को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। टोंक रोड और जयपुर अस्पताल के आसपास बने दोनों मेन गेट को बंद कर दिया गया। वहां पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स की टुकड़ी तैनात कर दी गई। महिला पुलिस कर्मचारियों की एक यूनिट को लाइन में खड़ा करके पूरे गेट को कवर कर दिया गया। इस दौरान जो नगर निगम के अंदर था वह अंदर रह गए और जो बाहर निगम मुख्यालय के अंदर जाना चाहते थे, उन्हें वापस लौटा दिया गया।
200 से ज्यादा लोग हाथों में झाड़ू लेकर पहुंचे धरना देने-
मुख्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में नगर निगम ग्रेटर और हेरिटेज में काम करने वाले सफाई कर्मचारी शामिल हुए। लगभग 200 से ज्यादा लोग हाथों में झाड़ू लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे। लोगों ने नगर निगम प्रशासन और कांग्रेस खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों में पुरुषों के साथ-साथ महिला कर्मचारी भी थी, जिन्होंने धरना दिया।
समझाइश के बाद माने और प्रतिनिधिमंडल संग बात करने गए निगम मुख्यालय-
अपनी बात पर अड़े सांसद से पुलिस के अधिकारियों ने भी बात की और समझाइश की। इधर डीएलबी डायरेक्टर बातचीत के लिए नगर निगम मुख्यालय पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद सांसद माने और 11 सदस्यों के साथ नगर निगम मुख्यालय में डीएलबी डायरेक्टर से मुलाकात करने पहुंचे। वहां से मिले आश्वासन के बाद सांसद ने अपना धरना खत्म किया।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)