वास्तुशास्त्र एक पुरूष प्रधान समाज की रचना करता है अर्थात वास्तुशास्त्र के नियमों की पालना कर घर बनाने से महिलाओं की अपेक्षा पुरूष ज़्यादा सफल और शक्ति सम्पन्न होते हैं ,इसी कारण उसमें रहने वाले परिवार का मुखिया एक पुरूष को ही माना गया है
परन्तु आज के युग में जब महिलाएँ पुरूषों से किसी काम में पीछे नही है और कुछ क्षेत्रों में तो महिलाएँ पुरूषों से भी आगे निकल गयी है ऐसी स्थिति में ये जानना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है की वो कोनसी वास्तु विशेषताएँ हैं जो महिलाऔ की उन्नति और विकास में उनकी सहायता करती हैं
घर की इन वास्तु विशेषताओं से महिलाओं को मिलती है कार्य क्षैत्र में सफलता। :–
* अग्निकोण में शुक्र ग्रह का निवास माना गया है और शुक्र ग्रह का सम्बन्ध चूँकि स्त्रियों से होता है इसलिए जब तक अग्निकोण खुला हुआ या वास्तु सम्मत ना हो एेसे भवन में रहने वाली कोई भी महिला कभी किसी क्षैत्र में सफलता प्राप्त नही कर सकती।
* घर का मुख्य द्वार , या बैडरूम का गेट अगर अग्निकोण में खुलता हो व घर के ब्रह्म स्थान में अग्निकोण से ज़्यादा प्रकाश अाता हो या अग्निकोण में विस्तार हो तो ऐसे घर महिलाओं के लिए विशेष शुभ होते हैं।
* अग्निकोण खुला होने के साथ , घर की उत्तर दिशा ज्यादा खुली हुई हो या उत्तर दिशा में पानी का टैंक बोंरिग बेसमेंट हो तो ऐसे घरों में रहने वाली महिलाएँ बहुत कम समय में
सफलता व धन प्राप्त कर लेती हैं।
* घर का अग्निकोण व पुर्वी आग्नेय दिशा खुली हुई हो व उत्तर दिशा भी वास्तु सम्मत हो पर नैऋत्य कोण कटा हुआ या दुषित हो तो ऐसे घरों में रहने वाली महिलाऐ पुरूषों के सहयोग के बिना ही उन्नति करती है।
* घर में स्त्रियों को सबसे ज़्यादा परेशानी अग्निकोण, वायव्य कोण और दक्षिण दिशा में दोष होने पर ही होती है इसलिए अगर किसी स्त्री की उन्नति नही हो रही हो , स्वास्थ्य सही नही रहता हो , मानसिक डिप्रेशन हो या व्यापार या नौकरी में सफलता नही मिल रही हो तो सबसे पहले इन दिशाओं का ही वास्तु सही करवाना चाहिए।
* पुर्व से पश्चिम ज़्यादा खुला हो , ईशान कोण कटा हुआ व अग्निकोण बढा हुआ हो ,किसी घर में ऐसे गंभीर वास्तु दोष हो पर उत्तर दिशा नीची व खुली होने के साथ नैऋत्य कोण व दक्षिण दिशा में ऊँचा निर्माण हो तो ऐसी घर में रहने वाली बेटियों को भाई का सुख तो नही मिलता पर वो घर से दुर जाकर अपने परिवार व देश का नाम जरूर रोशन करती है।
* अगर किसी घर का अग्निकोण बंद या कटा हुआ हो ,अग्निकोण में पानी का टैंक , सेप्टिक टैंक या शौचालय हो तो ऐसे घर में रहने से महिलाओं की कभी उन्नति नही होती ओर ना ही उनका कभी …स्वास्थ्य ठीक रहता है।
श्री राधे राधे
आचार्य धर्मेंद्र खंडेलवाल जयपुर
75685 78595
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)