मुंबई- देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर तैयारियां तेज होने लगी है। ट्रेनिंग और इंफ्रा के विकास पर सरकारे फोकस कर रही है। इस कड़ी में मुंबई में मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) ने टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए 7 जनवरी 2021 तक अपने स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग देने के लिए कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। बीएमसी के 8 अस्पतालों ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। कॉरपोरेशन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 80000 स्वास्थ्य कर्मचारियों का अब तक रजिस्ट्रेशन हुआ है।बीएमसी की कोशिश 7 जनवरी से पहले अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने की है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा था कि केंद्र सरकार का ध्यान कोरोना वायरस वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव पर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी में किसी भी हफ्ते टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो सकता है। देश में कोविशील्डऔर को वैक्सीन के साथ देश में अन्य कोरोनावायरस वैक्सीन का ट्रायल जारी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 2021 की शुरुआत में कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए उपलब्ध होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में कहा था कि कोरोनावायरस की 260 वैक्सीन विभिन्न चरणों में हैं। इनमें से आठ का निर्माण भारत में ही होगा। इसमें तीन स्वदेशी हैं लेकिन टीको की सुरक्षा से लेकर उनके प्रभावी होने तक के वैज्ञानिक और नियामक मापदंडों पर कोई समझौता ना हो, उन्होंने कहा था कि सरकार कोविड-19 टीके के उत्पादन और वितरण के लिए मजबूत परिस्थितिकी तंत्र स्थापित कर रही है। ताकि मांग को पूरा किया जा सके।
अमेरिका में फाइजर की कोरोनावायरस वैक्सीन के बाद मॉडर्ना की कोरोनावायरस वैक्सीन को भी आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी गई, मॉडर्ना दूसरी कंपनी है, जिससे आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली है। माना जा रहा है कि दिसंबर के आखिरी में ऑक्सफोर्ड एक्स्ट्राजेनेका कि कोरोनावायरस वैक्सीन को भी इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है। अगर ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलती है तो भारत में भी इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद बढ़ गई है।
पुणे स्थित सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर भारत में कोरोनावायरस वैक्सीन के ट्रायल और विकास में जुटा है।
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)