महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के लिए थप्पड़ वाला आपत्तिजनक बयान देने के बाद केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। मंगलवार को नासिक पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में वे जमानत पर रिहा हो गए। अब नासिक पुलिस ने अपने यहां दर्ज एक केस में राणे को नोटिस भेजकर उन्हें 2 सितंबर को हाजिर रहने के लिए कहा है।
नारायण राणे के खिलाफ पहला केस नासिक में हुआ था दर्ज-
नारायण राणे के खिलाफ पहला केस नासिक में ही दर्ज किया गया था और यहीं से उनके खिलाफ वारंट भी जारी हुआ था। इस बीच नारायण राणे की जन आशीर्वाद यात्रा 2 दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। नारायण राणे की ओर से उनके खिलाफ दर्ज 4 केस को रद्द करने को लेकर आज मुंबई हाईकोर्ट में एक याचिका दायर हो सकती है।
नारायण राणे की गिरफ्तारी के बाद नासिक में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बीजेपी ऑफिस पर पथराव किया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पलटवार किया। इस हमले में कुछ शिव सैनिक घायल हुए थे। अब पुलिस ने इस मामले में 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ भद्राकाली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है।
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को कोर्ट ने दी थी सशर्त जमानत-
महाड कोर्ट ने जमानत देते हुए नारायण राणे को 15000 रूपए का बांड भरने को कहा था। नासिक पुलिस नारायण राणे के ऑडियो को उनके सीएम के लिए दिए गए बयान से मैच कराना चाहती है। इसलिए राणे को 2 सितंबर को नासिक में बुलाया गया है। नारायण राणे को 30 अगस्त और 13 सितंबर को रायगढ़ अपराध शाखा के सामने भी पेश होना है। जमानत देते समय कोर्ट ने राणे को सख्त हिदायत दी कि वे दस्तावेज और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करें।
आज मुंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं नारायण राणे-
नारायण राणे की ओर से उनके खिलाफ नाशिक, पुणे, रायगढ़ और जलगांव में दर्ज केस को खारिज करने को लेकर आज बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। कुछ देर पहले नारायण राणे के घर से वकीलों की टीम बाहर निकली है। इस सिलसिले में जरूरी कागजी कार्रवाई और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए वकील अनिकेत निकम की टीम यहां आई थी।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)